बागपत, अक्टूबर 9 -- Bagpat News: बागपत। कस्बे के मुख्य बाजार में हुए भीषण अग्निकांड में जहां एक तरफ आग और धुएं के बीच फंसी मां-बेटी के लिए लोहे का जाल काल बन गया, वहीं दूसरी तरफ अपनी आंखों के सामने कलेजे के टुकड़ों को लपटों में घिरता देख एक पिता और पति का बेबस प्यार आग के प्रचंड तांडव से भिड़ गया। पत्नी स्वाति और छह साल की मासूम बेटी अनन्या को बचाने के लिए व्यापारी अंकुर जैन अपनी जान की परवाह नहीं कि और लपटों में कूद पड़े। इसमें अंकुर भी 70 फीसदी तक गंभीर रूप से झुलस गए। जब नीचे किराना दुकान में शार्ट सर्किट के बाद सिलेंडरों में धमाके हुए, तो पूरा मकान धुएं के गुबार से भर गया था। ऊपरी मंजिल से पत्नी स्वाति और मासूम अनन्या के बिलखने और बचाओ-बचाओ की चीखें सुनकर अंकुर जैन का कलेजा कांप उठा। जीने से उठती आग की ऊंची-ऊंची लपटों की परवाह किए बिना अ...