बगहा, अक्टूबर 5 -- Bagaha News: बगहा, नगर प्रतिनिधि। बाढ़ का पानी उतरने के बाद जिले के पशुपालकों के सामने चारा की चुनौती खड़ी हो गई है। बाढ़ के साथ आई गाद से खेतों में चारा नष्ट हो गया है। खेतों में लगी घास, बरसीम, मक्का समेत अन्य हरा चारा नष्ट हो चुका है। बचा-खुचा चारा खिलाने पर पशुओं में संक्रमण का खतरा है। ऐसे में पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करना पशुपालकों के लिए मुश्किल होता जा रहा है।

चारे की गुणवत्ता बाढ़ के पानी न सिर्फ खेतों बल्कि घरों-बथानों स्टॉक किया चारा भी खराब हो गया है। पशुपालकों को महंगे दाम पर चारा खरीदना पड़ रहा है। पशुपालक प्रेमसागर यादव, गया महतो, रामजी यादय आदि का कहना है कि पशुओं के लिए पर्याप्त पौष्टिक आहार नहीं मिलने से दूध उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है। दूध के उत्पादन में 30 फीसदी तक कमी आई है। खेतों से हरा चारा खत्म ...