बदायूं, जुलाई 20 -- Badaun News: बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में रविवार को आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग श्रद्धा एवं वैदिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता आचार्य संजीव रूप ने कहा कि व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्म और योग्यता से होती है। किसी पेशेवर का चयन उसकी जाति देखकर नहीं, बल्कि उसकी कार्यकुशलता के आधार पर करते हैं। इससे स्पष्ट है कि व्यवहारिक जीवन में योग्यता का महत्व सर्वोपरि है। ईशा आर्य, उर्वशी आर्य व भावना ने यज्ञ प्रार्थना प्रस्तुत की। इस मौके पर सुखबीर सिंह, विचित्रपाल सिंह, राकेश आर्य, संतोष कुमारी, कमलेश कुमारी, मुन्नी देवी, सूरजवती देवी, सरोज देवी तथा आर्य संस्कारशाला के बच्चे उपस्थित रहे। यह भी पढ़ें- Ghazipur News: मनुष्य की पहचान उसके कर्मों और स्वभाव स...