बदायूं, अक्टूबर 4 -- Badaun News: एक तरफ जहां देश डिजिटल भारत और आधुनिक शिक्षा के नये कीर्तिमान रच रहा है, वहीं दूसरी ओर दातागंज क्षेत्र के गांव कासू नगला में आज भी बचपन अपनी जान दांव पर लगाकर पढ़ाई करने को मजबूर है। इन दिनों बच्चे बरसात की सीजन में उफनाये नालों से घुसकर दो किलोमीटर दूर पढ़ने जाते हैं। आजादी के सात दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कासू नगला के हिस्से में न तो एक प्राथमिक स्कूल आया और न ही गांव को जोड़ने वाली पक्की सड़क। वर्तमान में कासू नगला में स्कूल न होने के कारण मासूम बच्चों को हर दिन दो किलोमीटर दूर दूसरे गांव में पढ़ने जाना पड़ता है, लेकिन यह सफर आसान नहीं है। गांव से बाहर निकलने के लिये कोई रास्ता या पुलिया नहीं है। मानसून के आते ही गांव के आसपास के नाले उफान पर आ जाते हैं और पूरा रास्ता जलमग्न हो जाता है, इससे ग...