आजमगढ़, नवम्बर 7 -- Azamgarh News: आजमगढ़, संवाददाता। दीपावली का त्योहार रोशनी, खुशियों और मिठास का प्रतीक है। इस त्योहार पर मिट्टी के दीयों और मिठाइयों के साथ चीनी से बने रंग-बिरंगे खिलौनों की भी खास पहचान रही है। हाथों से तैयार किए जाने वाले इन खिलौनों में केवल मिठास ही नहीं, बल्कि कारीगरों की कला और वर्षों पुरानी परंपरा भी समाई है। कभी दीपावली के बाजारों में इनकी खूब रौनक रहती थी, लेकिन बदलते समय के साथ इनकी चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ती जा रही है। आधुनिक सजावटी सामान और बाजार में उपलब्ध तरह-तरह के खिलौनों ने इनकी मांग को काफी प्रभावित किया है। चीनी के खिलौने बनाने की परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। कारीगर चीनी को विशेष तरीके से पकाकर उसका घोल तैयार करते हैं। इसके बाद सांचों की मदद से हाथी, घोड़ा, तोता, गुड़िया, चिड़िया और अन्य आकर्षक आकृतिया...