आजमगढ़, अक्टूबर 8 -- Azamgarh News: आजमगढ़, संवाददाता। रामराजी देवी महिला पीजी कालेज सुराई सठियांव में हिंदी विभाग द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान आजमगढ़ के साहित्यिक अवदान पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता प्रोफेसर गीता सिंह ने कहा कि हरिऔध खड़ी बोली के प्रारंभिक पुरस्कर्ता थे। उन्होंने खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य प्रियप्रवास लिखा। प्रिय प्रवास के राधा और कृष्ण उनकी मौलिक उद्भावना की देन है। इन पर भक्तिकालीन या रीतिकालीन प्रकृति का कोई प्रभाव दिखाई नहीं पड़ता। प्रिय प्रवास में प्रेम कर्तव्य पथ का आकाशदीप बनकर मानव मूल्य को आलोकित करता है। कृष्ण प्रिया राधा लोकसेविका बन जाती हैं और अपने प्रेम की पूर्णता इसी में मानती हैं। प्रियप्रवास का उद्देश्य ही विश्व कल्याण, विश्व प्रेम और विश्वमैत्री है। इसके अलावा डॅाक्टर इंदू श्र...