औरैया, जुलाई 22 -- Auraiya News: सीज डंपर को छोड़ने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपों के बाद पुलिस ने अपना पक्ष सार्वजनिक करते हुए आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन की रिहाई में हुई देरी किसी प्रकार की रिश्वत या लापरवाही के कारण नहीं, बल्कि राज्य कर विभाग से आवश्यक लिखित अनुमति प्राप्त न होने की वजह से हुई। जैसे ही संबंधित विभाग का स्पष्ट आदेश मिला, उसी दिन नियमानुसार डंपर रिलीज कर दिया गया। पुलिस के अनुसार कानपुर देहात के पुखरायां निवासी हिमांशु का डंपर छह जुलाई को अनंतराम टोल प्लाजा के पास चेकिंग के दौरान मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया था। इसके बाद सात जुलाई को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 213(5)(ई) के तहत कार्रवाई की। इसी दिन सहायक आयुक...