नई दिल्ली, फरवरी 21 -- हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त का खास महत्व होता है। यह समय काफी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस वक्त भगवान की साधना, जप-तप और ध्यान करना काफी शुभ लाभकारी होता है। इसलिए लोग ब्रह्म मुहूर्त में उठकर साधना, जप-तप करते हैं। 'ब्रह्म मुहूर्त', यानी कि रात्रि का अंतिम प्रहर या सूर्योदय से डेढ़ घंटे पहले का समय। इस समय सोना शास्त्र निषिद्ध है। ब्रह्म का मतलब परम तत्व या परमात्मा। मुहूर्त यानी अनुकूल समय। रात्रि का अंतिम प्रहर अर्थात प्रात: 4 से 5.30 बजे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहा गया है। इसी वक्त कई लोगों की नींद अपने आप खुल जाती है। ब्रह्म मुहूर्त की अवधि के दौरान वातावरण में शांति होती है और इंसान का मन बाहरी शोर से दूर होकर अंदर की बातों को साफ तौर पर सुन पाता है। मान्यतानुसार, अगर रोजाना आपकी नींद अपने आप ब्रह्म मुहूर्...