अररिया, जुलाई 11 -- Araria News: अनूठी मिसाल: हंसराज बछावत की आंखों से दो जिंदगियों में फैलेगी रोशनी शोक की घड़ी में परिवार ने लिया मानवता का बड़ा फैसला फारबिसगंज में हुआ 26वां नेत्रदान फारबिसगंज,एक संवाददाता। कहते हैं इंसान भले इस दुनिया से चला जाए, लेकिन उसके नेक कर्म हमेशा जीवित रहते हैं। फारबिसगंज के आरबी लेन निवासी हंसराज बछावत ने मरणोपरांत भी मानव सेवा की ऐसी मिसाल कायम की, जिससे दो दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में नई रोशनी पहुंचेगी। उनके निधन के बाद परिजनों ने नेत्रदान का निर्णय लेकर समाज के सामने संवेदनशीलता, साहस और परोपकार का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।

परिवार का साहसिक निर्णयहंसराज बछावत के निधन के बाद उनकी धर्मपत्नी राधादेवी बछावत, पुत्री दीपिका बैद एवं दामाद पंकज बैद ने शोक के बीच भी मानव सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नेत...