अररिया, जुलाई 4 -- Araria News: सिकटी, एक संवाददाता नेपाल से निकलकर सिकटी प्रखंड होकर बहने वाली नूना व बकरा नदी हर साल मानसून की बारिश के दौरान भारी तबाही मचाती है। बाढ़ व कटाव के जरिये कहर बरपाती है। सड़को पर तीन से चार फीट पानी बहने लगती है। दर्जनों गांव के निचले इलाके जलमग्न हो जाते हैं। सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो जाती है। सड़कें व पुल पुलिस तक ध्वस्त हो जाती है। बाढ़ के बाद फिर दिखता है तबाही का मंजर। इस प्रखंड के पड़रिया, दहगामा, खोड़ागाछ, कचना और सालगोढी आदि गांव व पंचायतें सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। 18 जून 2024 को कौन भूल सकता है जब ढाई बजे दोपहर नेपाल से आई पानी के तेज बहाव में 31 करोड़ों की लागत से तीन फेज में बकरा नदी के पड़रिया तीरा घाट पर बना पुल उद्घाटन के पहले ही तास के पत्तो की तरह ध्वस्त हो गया। यह ध्वस्त पुल राष...