अररिया, सितम्बर 23 -- Araria News: फारबिसगंज, एक संवाददाता। जब तक तुम पूर्ण रूप से प्रभु के चरणों में स्वयं को समर्पित नहीं करते तब तक तुम्हें ईश्वर नहीं मिलते। सुदामा जी ने भी अपने मित्र के सामने जब पूर्ण समर्पित किया अपने आप को तभी श्री कृष्ण ने अपनी मित्रता का पूर्ण कर्त्तव्य निभाया। उपरोक्त धार्मिक प्रवचन स्थानीय तेरापंथ सभा भवन में बीते सात दिनों से जारी श्रीमद भागवत महापुराण कथा के अंतिम दिन मंगलवार को व्यासपीठ पर बैठ आचार्य परम पूज्य पंडित मानवेन्द्र शर्मा एवं परम पूज्य पंडित नरेंद्र शर्मा ने कही。 यह भी पढ़ें- Mirzapur News: दो खबरें:बाल सखा सुदामा के श्रीकृष्ण ने आंसुओं से पांव धोएकथा के समापन पर विचार उन्होंने समापन के मौके पर कहा की श्रीकृष्ण परम दयालु है। उनकी कृपा का न तो कोई आर है और न ही पार। वो शत्रु से भी मित्र से भी पूर्ण...