अररिया, अक्टूबर 25 -- Araria News: पवन कुमार सिंह, रानीगंज। समय के साथ कई ऐतिहासिक और पारंपरिक मेलों का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। इसी कड़ी में रानीगंज प्रखंड के कालाबलुवा का प्रसिद्ध कृष्णपुरी मधु मेला भी अब इतिहास बनकर रह गया है। करीब 55 साल पुराने इस मेले में हर साल दशहरे के बाद आदिवासी समाज के हजारों लोग जुटते थे। मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि यहां आदिवासी समाज की परंपराओं के अनुसार युवक-युवतियों की रजामंदी से शादियां होती थीं। बिना दान-दहेज के होने वाली इन शादियों के कारण इस मेले की पहचान दूर-दूर तक थी। लेकिन अब मेले की जमीन पर कहीं घर बन गए हैं, तो कहीं दुकानें खुल गई हैं। कभी रातभर नाच-गाने से गुलजार रहने वाला मैदान आज अपनी पुरानी पहचान खो चुका है। मेले के बंद होने से आदिवासी समाज के लोगों में मायूसी है। रानीगंज प्रखंड मुख्...