अररिया, सितम्बर 10 -- Araria News: फारबिसगंज, निज संवाददाता। अभिषेक सिर्फ एक परिवार का इकलौता बेटा नहीं, बल्कि तीन बहनों की सपनें और बूढ़ी मां का सहारा भी था। चार महीने पहले ही पिता का साया सिर से उठ गया था। परिवार अभी उस दुख से उबर भी नहीं पायी थी कि अभिषेक की संदिग्ध मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। বুধবার की शाम करीब 3:30 बजे सुरहा धार से उसकी लावारिस हालत में लाश मिलने के बाद से ही मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार की शाम से ही अभिषेक के घर नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। रातभर खोजबीन के बाद बुधवार को नदी में उसका शव मिलने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और अंत्येष्टि भी कर दी गई, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी अभिषेक की मौत का रहस्य बरकरार है।

मौत का रहस्य...