नई दिल्ली, फरवरी 12 -- APAAR ID Card: केंद्र सरकार की 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' योजना के तहत बिहार के सरकारी स्कूलों में अपार (APAAR) कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सरकारी स्कूलों में नामांकित कुल 1.65 करोड़ बच्चों में से 73.92% यानी 1,22,69,756 छात्रों का अपार कार्ड 11 फरवरी 2026 तक बनाया जा चुका है। यह 12 अंकों का एक विशिष्ट कोड है, जो विद्यार्थी के शैक्षणिक सफर का डिजिटल आधार बनेगा। हालांकि, अभी यह सरकारी तौर पर पूरी तरह अनिवार्य नहीं है, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इसे अनिवार्य किया जा रहा है ताकि बच्चों का ट्रैक रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।क्यों जरूरी है अपार आईडी? अपार आईडी न होने पर छात्रों को भविष्य में कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसकी उपयोगिता इन क्षेत्रों में मुख्य है: डिजिटल ...
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