अमरोहा, अक्टूबर 20 -- Amroha News: क्षेत्र के गांव हथियाखेड़ा के शिव मंदिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा वाचक सुरेंद्र भारद्वाज ने श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथा वाचक ने बताया कि श्रीमद् भागवत में भगवान कृष्ण और माता रुक्मणी के विवाह का प्रसंग बेहद दिव्य है। रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्मक की पुत्री और साक्षात माता लक्ष्मी का स्वरूप थीं। उन्होंने देवर्षि नारद से श्रीकृष्ण की लीलाओं का गुणगान सुनकर मन ही मन उन्हें अपना पति मान लिया था। उन्होंने बताया कि रुक्मणी के भाई रुक्मी और जरासंध उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका विवाह राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से करना चाहते थे। तब रुक्मणी ने एक ब्राह्मण के माध्यम से श्रीकृष्ण को गुप्त प्रेम पत्र भिजवाकर अपना हरण कर ले जाने का न...