अमरोहा, सितम्बर 1 -- Amroha News: शिया धर्मगुरु, शिक्षाविद और समाज सुधारक के साथ अदब नवाज रहे शिया शहर इमाम मौलाना डॉ.मोहम्मद सियादत नकवी के इंतकाल पर मंगलवार को शहर के आईएम इंटर कॉलेज में भी शोकसभा का आयोजन किया गया। शिक्षकों व छात्रों ने उनकी मगफिरत की दुआ की। साथ ही विद्यालय में शिक्षक उनके बेटे मौलाना डॉ.एहसन अख्तर सरोश से मिलकर मौलाना के इंतकाल पर दुख का इजहार किया। यह भी पढ़ें- इल्म का चिराग थे सियादत नकवी, बुझना कौम का बड़ा नुकसानमौलाना की विशेषताएँ प्रधानाचार्य डॉ.जमशेद कमाल ने मौलाना सियादत नकवी से जुड़ी यादों का जिक्र करते हुए कहा कि मौलाना किसी जिस्म का नाम नहीं बल्कि वह एक तहरीक थे, बेहतरीन सिफतों का समंदर आज कब्र के कूजे में समा गया। मौलाना की लिखी कीमती किताबें जब तक मौजूद हैं, मौलाना जिंदा हैं। उन्हें कोई मुर्दा नहीं कह सकता...