नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब छात्रों को अपनी प्रोविजनल डिग्री, फाइनल डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट जैसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट के लिए विश्वविद्यालय कैंपस और कार्यालयों की खाक नहीं छाननी पड़ेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन सभी सुविधाओं को ऑनलाइन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे छात्रों का समय और पैसा दोनों बचेगा। हाल ही में विश्वविद्यालय की कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। इस नई डिजिटल प्रणाली के लागू होने से न केवल वर्तमान छात्रों को फायदा होगा, बल्कि उन पूर्व छात्रों को भी बड़ी राहत मिलेगी जो डिग्री के लिए दूर-दराज के जिलों या अन्य राज्यों से प्रयागराज आते थे। यह भी पढ़ें-...