नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र त्योहार है, जो वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन किया गया कोई भी पुण्य कर्म या दान 'अक्षय' अर्थात् कभी समाप्त ना होने वाला फल देता है। 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी, दान-पुण्य और पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। लेकिन वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि बिना एक रुपया खर्च किए भी इस दिन बहुत बड़ा पुण्य प्राप्त किया जा सकता है।अक्षय तृतीया का महत्व अक्षय तृतीया को 'अक्षय' शब्द का अर्थ है 'जो कभी क्षय ना हो'। शास्त्रों में मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, जप, तप और पुण्य आजीवन फल देता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि अक...