नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस बार यह पर्व 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों की अपनी उच्च राशि में होते हैं। दोनों की सम्मिलित कृपा का फल अक्षय हो जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्य कभी व्यर्थ नहीं होते और उनका फल हमेशा बना रहता है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है, यानी इस दिन किसी भी कार्य को ग्रह स्थिति या विशेष शुभ समय देखे बिना किया जा सकता है। पुराणों के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सोना, आभूषण, वाहन या घर खरीदने और नए घर में प्रवेश करने से हमेशा माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। ऐसे में अगर आप इस दिन गृह प्रवेश करने जा रहे हैं, तो कुछ नियमों का पालन करना चाहिएष यदि आप इस साल 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के अवसर पर नए घर में प्रवेश कर रहे हैं,...