नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- 1980 और 90 के दशक में पंजाब की मिट्टी से एक ऐसा ही फनकार उभरा था, जिसकी बुलंद, ऊंची और दर्द में डूबी आवाज ने लोक संगीत को एक अलग पहचान दिलाई थी। मंच पर जब वह गाता था, तो सामने बैठा हर शख्स उनके सुरों में खो जाता था। उनका संगीत महज मनोरंजन नहीं था, उसमें पंजाब का सांस्कृतिक गौरव, भावनाओं की गहराई और मिट्टी की खुशबू महसूस होती थी।क्या है इस गायक का नाम? हम बात कर रहे हैं पंजाबी गायक दिलशाद अख्तर की। वह सिर्फ गाते नहीं थे, बल्कि अपनी आवाज और अंदाज से श्रोताओं को बांध लेते थे। उनकी गायकी में एक ऐसी ऊर्जा थी, जो खुले मैदानों में होने वाले अखाड़ों से लेकर बड़े मंचों तक लोगों को झूमने पर मजबूर कर देती थी। लेकिन जब उनका करियर सफलता की ऊंचाइयों को छू रहा था, तभी जिंदगी ने उनके सामने एक ऐसा दर्दनाक मोड़ ला दिया, जिसकी टीस आज...