नई दिल्ली, फरवरी 18 -- अब तक हम साइंस फिक्शन फिल्मों में देखते आए थे कि एक दिन मशीनें इतनी समझदार हो जाएंगी कि वे खुद अपनी अगली पीढ़ी का निर्माण करने लगेंगी। हमें लगता था कि वह दिन बहुत दूर है, शायद हमारे जीवनकाल में नहीं आएगा। लेकिन 5 फरवरी, 2026 को वह 'भविष्य' चुपचाप हमारे वर्तमान में दाखिल हो गया। खामोशी से, बिना किसी धमाके के दुनिया ने उस दहलीज को पार कर लिया जहां 'इंसानी बुद्धिमत्ता' अब पृथ्वी पर सबसे तेज नहीं रही। सिलिकॉन वैली के बंद दरवाजों के पीछे जो हो रहा है, वह अब महज एक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं है, बल्कि मानव इतिहास की सबसे बड़ी और शायद सबसे डरावनी करवट है- एक ऐसी करवट जिसकी गूंज बहुत जल्द आपके दफ्तर की डेस्क तक पहुंचने वाली है। हाल ही में AI स्टार्टअप OthersideAI (जिसे पहले HyperWrite के नाम से जाना जाता था) के सह-संस्थापक और सीई...