नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- अहोई अष्टमी व्रत इस साल 13 अक्टूबर 2025 को रखा जाएगा। इस व्रत में अहोई माता की पूजा की जाती है। इस दिन स्यायू माता का चांदी का लॉकेट बनवाते हैं और हर साल उसमें दो चांदी के मनके डाले जाते हैं। अहोई पर इस माला की पूजा कर दो मोती बढ़ाए जाते हैं और व्रत के बाद महिलाएं इस माला को पहनती हैं। इस दिन चाकू या छुरी किसी ऐसी चीज का इस्तेमाल ना करें, जिससे किसी प्राणी को नुकसान पहुंचे। शाम को तारों की छांव में कथा सुनकर तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। अहोई अष्टमी व्रत की कथा सुनी जाती है। कथा पढ़ने के बाद आखिर में प्रार्थना करनी चाहिए कि जैसे माता ने उसकी संतान की रक्षा की वैसे सभी की रक्षा करें। Ahoi Ashtami vrat katha एक समय की बात है एक साहूकार था, जिसके सात बेटे और सात बहुएं थी। इस साहूकार की एक बेटी भी थी। साहूकार क...