नई दिल्ली, नवम्बर 1 -- अहोई अष्टमी पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत करती हैं। इस साल 1 नवंबर को यानी आज अहोई अष्टमी का व्रत किया जा रहा है। आज शाम को अष्टमी पर तारे देखकर व्रत खोला जाएगा। कई जगह चांद को तो कई जगह तारों को देखकर व्रत खोला जाता है। इस दिन जो माताएं व्रत करती हैं,वो शाम के समय या फिर दोपहर में व्रत की कथा सुनती हैं। इस व्रत में भी माता के सामने दो करवे रखे जाते हैंष एक करवे में पानी भरते हैं, जिससे तारों को अर्ध्य देते हैं। एक भगवान के सामने रखते हैं। इसके अलावा इस दिन स्याऊ माता के चांदी के लॉकेट वाली चांदी के मोती वाली माला भी रखी जाती है। सास के लिए महिलाएं बायना देती हैं। सास को बायना दिया जाता है और उनके स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। इस प्रकार महिलाएं अपना व्रत रखती हैं। यहां पढ़ें महिलाएं क...