आगरा, अगस्त 31 -- Agra News: जनपद के 18 शीतगृहों में से आलू की धीमी निकासी से शीतगृह स्वामियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। आलू की नई फसल आने में अब तीन माह का ही समय शेष है। ऐसे में तीन माह में आलू की निकासी नहीं होने पर शीतगृह स्वामियों को काफी नुकसान होगा। रविवार को जिला शीतगृह संघ की बैठक में अध्यक्ष अरूण माहेश्वरी ने बताया कि जनपद के 18 शीतगृहों में लगभग 25 लाख बोरी आलू का भंडारण किया गया था। पिछले पांच महीनों में मात्र 20 से 22 प्रतिशत आलू की निकासी हो पाई है। शीतगृहों में रखे आलू में से करीब 25 प्रतिशत तक बीज के रूप में प्रयुक्त होता है। इस समय शीतगृहों में 80 प्रतिशत आलू रखा हुआ है। ऐसे में 50 प्रतिशत खाने की खपत का आलू अभी भी फंसा हुआ है, जिसकी इतने कम समय में निकासी होना बड़ी चुनौती है। इस बैठक में शीतगृह स्वामियों ने कहा कि वर्तमान म...