आगरा, जुलाई 19 -- Agra News: निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला में 'जैन धर्म और विस्तार' विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को जैन दर्शन, आध्यात्मिक मूल्यों और आत्म-विकास के मार्ग से जोड़ना था। संयुक्त धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य मुनि 108 समत्व सागर महाराज ने कहा कि 'वंडरफुल जैनिज्म' आधुनिक समाज, विशेषकर युवाओं को जैन दर्शन के माध्यम से संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट पृष्ठभूमि होने के कारण वे युवाओं की मानसिक चुनौतियों, जैसे तनाव, अवसाद, करियर का दबाव और रिश्तों की जटिलताओं को बेहतर ढंग से समझते हैं। मुनि श्री ने क्रोध प्रबंधन, रात्रि भोजन त्याग के वैज्ञानिक लाभ और दिखावे से दूर रहकर सादगीपूर्ण जीवन अपनाने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि आज व्यक्ति नाम, धन और दिखावे के पीछे भाग ...