नई दिल्ली, मई 3 -- हिंदू पंचांग में करीब हर तीन साल में एक बार एक अतिरिक्त महीना आता है, जिसे अधिक मास, मलमास या पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास लग रहा है, जो 17 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा। इस 13वें महीने की उत्पत्ति की पौराणिक कथा भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार और दैत्यराज हिरण्यकश्यप के वध से जुड़ी है।हिरण्यकश्यप को मिला वरदान महर्षि कश्यप और अदिति के पुत्र हिरण्यकश्यप ने ब्रह्मा जी की कठोर तपस्या से प्रसन्न कर लिया। उसने एक ऐसा वरदान मांगा जिससे वह लगभग अमर हो जाए। वरदान में उसने कहा कि उसकी मृत्यु ना किसी मनुष्य से हो, ना पशु से, ना देवता से, ना दैत्य से। ना दिन में, ना रात में। ना घर के अंदर, ना बाहर। ना पृथ्वी पर, ना आकाश में। ना किसी अस्त्र-शस्त्र से और ना ही ब्रह्मा जी द्वारा रचे 12 महीनों में से किसी में...