नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- हिंदू पंचांग में भी अंग्रेजी कैलेंडर की तरह 12 महीने होते हैं, लेकिन हर तीसरे साल एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है। इस मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, क्योंकि इसके अधिपति स्वयं भगवान विष्णु माने जाते हैं। यह मास धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और शुभ होता है। साल 2026 में ज्येष्ठ मास के साथ अधिक मास का संयोग बन रहा है, जो भक्ति, दान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।अधिक मास 2026 की तिथि इस साल ज्येष्ठ मास का अधिक मास 17 मई 2026, रविवार से शुरू होकर 15 जून 2026, सोमवार तक रहेगा। इस दौरान भगवान विष्णु की उपासना, व्रत और दान-पुण्य का विशेष महत्त्व है।अधिक मास क्यों आता है? चंद्रमा के आधार पर एक साल लगभग 354-355 दिनों का होता है, जबकि सूर्य के आधार पर साल 365-366 दि...