नई दिल्ली, मई 29 -- सनातन धर्म में अधिक मास यानी मलमास को आध्यात्मिक साधना और दोष निवारण का विशेष महीना माना जाता है। साल 2026 में ज्येष्ठ मास में 17 मई से अधिक मास चल रहा है, जो 15 जून तक रहेगा। इस दौरान मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन पूजा-पाठ, जप, तप और दान का विशेष महत्व होता है। अधिक मास में किए गए पुण्य कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष या गुरु दोष है, तो इस महीने कुछ आसान उपाय करके आप इन दोषों के बुरे प्रभावों से राहत पा सकते हैं।पितृ दोष क्या है और इसके लक्षण पितृ दोष पूर्वजों से जुड़े उन कष्टों को कहा जाता है, जो वंशजों को भोगने पड़ते हैं। इसमें लगातार रुकावटें, आर्थिक संकट, गृह कलह, संतान सुख ना होना, शिक्षा में बाधाएं और बिना वजह परेशानियां शामिल हैं। यदि इनमें से कई समस्याएं लगातार बनी रहती ह...