नई दिल्ली, जून 14 -- पंजाब सरकार ने कहा है कि उसकी 'युद्ध नशों विरुद्ध' मुहिम के तहत मार्च 2025 से मई 2026 के बीच 90,000 से अधिक नशा प्रभावित लोगों को नशामुक्ति, उपचार और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार का कहना है कि नशों के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि रोकथाम, समय पर पहचान और पुनर्वास भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि अभियान के तहत राज्यभर के नशामुक्ति केंद्रों और ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) केंद्रों में प्रभावित लोगों का इलाज किया गया।शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की अहम भूमिका डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि नशे की लत विकसित होने से पहले संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान करने में शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। "नशे की लत के...