नई दिल्ली, मई 30 -- Aaj Ka Suvichar: आचार्य चाणक्य ने अपनी कुशल बुद्धि और कमाल की रणनीति के आगे बड़़े से बड़ा दुश्मन भी धुटने टेकने को मजबूर हो जाता था। उनकी नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक मानी जाती हैं। उन्होंने अपने श्लोकों के माध्यम से जीवन को सफल और संतुलित बनाने की कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। खास बात यह है कि उन्होंने दुश्मनों को हराने के लिए कई बातें बताई हैं। साथ ही उन्होंने जीवन को सफल बनाने के लिए कई बातें बताई हैं। नीचे उनके कुछ श्लोक का जिक्र है जिन्हें जीवन में उतारने से आप सफलता की राह पर चल पड़ेंगे।श्लोक 1 अनुलोमेन बलिनं प्रतिलोमेन दुर्जनम्।आत्मतुल्य-बलं शत्रुः विनयेन बलेन वा॥ आचार्य चाणक्य इस श्लोक के जरिए बताया है कि दुश्मन के व्यवहार को समझकर उसपर वार करना चाहिए। वो कहते हैं कि अगर शत्रु आपसे अधिक ताकतवर है तो उसके अनुकू...