नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- गंभीर शारीरिक चुनौतियों और आर्थिक तंगी को मात देते हुए एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर के बेटे ने आईआईटी-मद्रास में एडमिशन हासिल कर लिया है। 17 साल के जे. संतोष 90 प्रतिशत दिव्यांगता के साथ पैदा हुए थे, उनके लिए किसी बड़े संस्थान में उच्च शिक्षा हासिल करना कभी एक असंभव सपना था। मगर अपने हौसलों से उन्होंने अपने मकसद में कामयाबी हासिल की। खुशी से भरे संतोष ने कहा कि यह बिल्कुल अविश्वसनीय लगता है। ऐसी जगह पर पढ़ाई करना, जिसे मैं कभी अपनी पहुंच से दूर समझता था, यह सचमुच एक अलग अहसास देता है। संतोष का पढ़ाई का सफर हिम्मत और दृढ़ता की मिसाल रहा है। वह स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी और सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित हैं। मगर उन्होंने हार नहीं मानी और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में उन्होंने अपने स्कूल में टॉप किया। और अब वह अपनी कड़ी मेहनत ...