90 प्रतिशत आरटीआई मामलों में आवेदक को न तो प्रभावी ढंग से सुना न सूचना दी
अलीगढ़, अगस्त 14 -- अलीगढ़। वरिष्ठ संवाददाता। आरटीआई आवेदनों का समयबद्ध एवं अधिनियम के अनुरूप निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी की वैधानिक जिम्मेदारी है। लगभग 90 प्रतिशत मामलों में यह पाया गया कि आवेदक को न तो प्रभावी ढंग से सुना गया और न ही समय से सूचना उपलब्ध कराने की पहल की गई। यह बातें गुरूवार को राज्य सूचना आयुक्त ने मोहम्मद नदीम ने कलक्ट्रेट सभागार में जिले के समस्त जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहीं। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि आयोग के समक्ष लगातार बड़ी संख्या में शिकायतें एवं द्वितीय अपीलें पहुंच रही हैं, जबकि इनमें से बड़ी संख्या ऐसे मामलों की है, जिनमें संबंधित विभाग द्वारा समय से वांछित सूचना उपलब्ध करा दी जाती तो मामला आयोग तक पहुंचता...
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