मऊ, जुलाई 10 -- पहसा, हिन्दुस्तान संवाद। कृषि विज्ञान केंद्र, पिलखी में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समूह पंक्ति प्रदर्शन तिलहन के अंतर्गत शुक्रवार को 90 किसानों को मूंगफली की प्रजाति जीजी-34 का वितरण किया गया। इस वितरण कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी अधिकारी डॉ.विनय सिंह ने किसानों को तिलहन के महत्व और तिलहन उत्पादन के नवीनतम तकनीक के बारे में जानकारी दी। डॉ.अंगद प्रसाद ने बताया की मूंगफली की यह प्रजाति गुजरात की जूनागढ़ यूनिवर्सिटी से विकसित की गई है। मूंगफली की इस प्रजाति की बुआई के लिए यह जुलाई का समय उपयुक्त है। यह प्रजाति 111 से 125 दिन में तैयार हो जाती है। इस प्रजाति का बीज दर 70 से 75 किग्रा प्रति एकड़ है। इसकी फलियों में दो बड़े-बड़े दाने गुलाबी लाल रंग के होते है। इस प्रजाति के पौधे 15 से 20 इंच के होते ह...