नई दिल्ली, अक्टूबर 13 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में 9 साल पहले 14 साल के बच्चे के अपहरण के मामले में तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी महज दो गवाहों के बयान दर्ज होने पर कड़ा रूख अपनाया है। इसे गंभीरता से लेते हुए, शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को मार्च 2023 से अब तक जिले में तैनात रहे सभी पुलिस अधीक्षक (एसपी) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की पीठ ने 21 सितंबर को जारी आदेश में कहा है कि 'मार्च, 2023 से अब तक जिले में तैनात पुलिस अधीक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही उन्हें सौंपी गई ड्यूटी, खासकर मुकदमे से जुड़े मामलों में, उनके लापरवाह रवैये के लिए की जाएगी।' पीठ ने सरकार को आदेश पारित करने के दिन से द...