नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- पाकिस्तान के भीतर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। साल 2026 देश के सुरक्षाबलों के लिए पिछले ढाई दशकों में सबसे घातक और खौफनाक साल साबित हो रहा है। साउथ एशियन टेररिज्म पोर्टल (SATP) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 15 सितंबर 2026 के बीच ही 1,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी हिंसक वारदातों और आत्मघाती हमलों में अपनी जान गंवा चुके हैं। यह आंकड़ा केवल सेना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें फ्रंटियर कोर (FC), पुलिस और लेवीज के जवान भी शामिल हैं। इसी अवधि में 650 से ज्यादा आम नागरिकों की भी जान गई है। साल 2009 के बाद यह तीसरा मौका है जब पाकिस्तानी फौज और पुलिस को इतनी भारी संख्या में अपने जवानों की लाशें उठानी पड़ी हैं।केपीके और बलूचिस्तान बने 'डेथ जोन' पाकिस्तानी हुकूमत के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बने हैं दो पश्चि...