मथुरा, अप्रैल 22 -- जिला एंव सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने फर्जी फर्मो के मध्यम से जीएसटी की 9 करोड़ की धोखाधड़ी करने के मामले के आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि आरोपी नागेश गौतम ने सह आरोपी के साथ मिलकर कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर फर्म बनाकर वास्तविक माल की आपूर्ति किए बिना आईटीसी पास करते हुए भारत सरकार व प्रदेश सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाने तथा कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर रेट एग्रीमेंट, आधारकार्ड जैसे प्रपत्र तैयार कर उनके आधार पर जीएसटी के अंदर पंजीयन कराने के बाद नौ करोड़ की कर चोरी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जेल में निरुद्ध नागेश गौतम ने अधिवक्ता के माध्यम से जिलाजज की अदालत में जमानत के लिए याचिका दाखिल की। अदालत में उनके द्वारा जमानत याचिका का पुजोर विरोध किया...