रुडकी, मार्च 2 -- ग्रामीणों से जीवन में अवगुणों को छोड़कर सदगुणों को अपनाए जाने की सीख के साथ आर्य समाज मंदिर नारसन कलां का पिछले तीन दिन से चल रहा 88वां वार्षिक उत्सव सोमवार को यज्ञ-हवन के पश्चात संपन्न हो गया। आर्य समाज नारसन कलां के वार्षिक उत्सव में दूर दराज से काफी संख्या में जूटे वैदिक विद्वानों व भजन गायकों का फोकस युवाओं पर ज्यादा रहा। बढ़ती नशा पृवर्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने युवाओं को नशे से दूरी बनाने और वेदों का ज्ञान रखने की अपील की। उन्होंने आर्य समाज का उद्देश्य और यज्ञ का महत्व व इतिहास बताते हुए प्रचार-प्रसार किया।
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