बरेली, मार्च 2 -- राज्य कर विभाग ने जीएसटी फर्जीवाड़े के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए पीएस ट्रेडर्स के खिलाफ प्रेनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में सामने आया है कि फर्म ने बिना वास्तविक माल आपूर्ति किए करोड़ों के फर्जी चालान जारी कर 87,04,603 की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास कर दी, जिससे केंद्र व प्रदेश सरकार को भारी राजस्व क्षति हुई। राज्य कर अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि पीएस ट्रेडर्स ने 11 जुलाई 2019 को पंजीकरण कराया था। जांच में अनियमितताएं मिलने पर 14 अगस्त 2019 को फर्म का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। भौतिक सत्यापन रिपोर्ट में फर्म घोषित पते पर अस्तित्वहीन पाई गई। विभागीय सर्वे, रिटर्न विश्लेषण और जीएसटी पोर्टल डेटा की जांच में पाया गया कि फर्म ने जाली इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार कर फर्जी आईटीसी पास की। जांच में यह भी स...