86 की उम्र में भी शहीदों के सम्मान की अलख
संभल, अगस्त 14 -- उम्र 86 वर्ष हो चुकी है। सिर के बाल और दाढ़ी-मूंछ के बाल पूरी तरह सफेद हो चुके हैं, आंखों में उम्र का असर साफ दिखाई देता है, लेकिन देशभक्ति का जुनून आज भी वैसा ही है। गांव लखौरी जलालपुर निवासी लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी महिपाल सिंह की जिंदगी शहीदों के सम्मान और उनकी विरासत को संजोने के संकल्प की मिसाल है। भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित कराने के लिए उन्होंने करीब 21 साल तक संघर्ष किया। आंदोलनों में कई बार जेल गए, लेकिन कदम पीछे नहीं खींचे। शहीदों का नाम आते ही भर आता है गला
शहीदों को सम्मान देने का दायित्व चौधरी महिपाल सिंह जब भगत सिंह और दूसरे शहीदों की चर्चा करते हैं तो उनकी आवाज में आज भी वही जज्बा सुनाई देता है। शहीदों का नाम लेते ही गला रुंध जाता है और आंखें नम हो जाती हैं। भगत सिंह के परिवार के साथ बिताए पलों को याद ...
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