बगहा, मार्च 7 -- बेतिया। बैरिया प्रखंड की भितहा पंचायत की रीना देवी के पति देशी शराब व ताड़ी बेचकर परिवार की गाड़ी किसी तरह खींच रहे थे। शराबबंदी के बाद परिवार की आर्थिक रूप से कमर टूट गई। सास-ससुर व तीन बच्चों संग सात सदस्यों का परिवार दाने-दाने के लिए मोहताज हो गया। इस बीच रीना सतत जीविकोपार्जन योजना से जुड़ी। उसे 50 हजार रुपये जीविका की ओर से मुहैया कराये गये। उसने किराना दुकान खोल लिया। बस यहीं से उसके परिवार की खुशहाली की गाड़ी चल पड़ी। बीते छह-सात वर्षों में उसने कारोबार बढ़ाया और अब 35 से 40 हजार रुपये प्रति माह आमदनी कर रही है। यह तो सिर्फ बानगी है, रीना जैसी जिले के कई प्रखंडों की 859 महिलाओं ने योजना से जुड़कर परिवार की डूबती नैया को पार लगाया है। वर्तमान में ये महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और...