मुंगेर, अगस्त 17 -- असरगंज, निज संवाददाता। कहते हैं रिश्ते सिर्फ खून के नहीं होते। कुछ रिश्ते इंसानियत से बनते हैं, और जब इंसानियत दिल में उतर जाए तो पराया भी अपना बन जाता है। ऐसी ही नजारा असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर रविवार को देखने को मिला। लखनऊ की रहने वाली 85 वर्षीय राम कुमारी देवी की कहानी कुछ ऐसी ही है। राम कुमारी देवी का अपना कोई संतान नहीं है। पति फकीरा साहनी उम्रदराज हैं। रामादेवी को देवघर जाने की इच्छा थी। उनकी इच्छा जानकार पड़ोस में रहने वाली मुजफ्फरपुर की राधा देवी और उनके पति और वहां के दो और पड़ोसी ने उन्हें तीर्थयात्रा पर देवघर ले जाने की ठान ली। उनके लिए डोली तैयार किया और राम कुमारी देवी के साथ दो पुरुष और दो महिलाएं सुल्तानगंज से जल भरकर उन्हें डोली में बिठाकर बाबा बैद्यनाथ की 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकल पड़े। राम...