नई दिल्ली, सितम्बर 21 -- कहते हैं कि पढ़ने-लिखने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। बस हौसले और जज्बे की जरुरत होती है। कुछ ऐसी ही मिसाल पेश किया है उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद की रहने वाली कमलेश देवी ने। जिस उम्र में ज्यादातर लोग रिटायर होते हैं या फिरआराम फरमाते हैं, तो उस उम्र में कमलेश देवी ने किताब उठाईं और अ, आ, इ, ई और गिनती सीख रही है। जी हां, 80 साल की उम्र में कमलेश देवी ने पढ़ाई शुरी की है और साक्षरता परीक्षा भी दी। अपने सपनों को हकीकत बनता देख कमलेश देवी काफी खुश हैं। ऐसे में उन्होंने पढ़ाई शुरू कर ना सिर्फ अपने सपनों को पूरा कर रही हैं, बल्कि वो कई ऐसे नौजवान और बुजुर्गों के लिए मिशाल बन गई हैं, तो बहुत जल्दी हार मान लेते हैं और अपने सपनों को अधूरा ही छोड़ देते हैं।कौन हैं कमलेश देवी 80 साल की कमलेश देवी गाजीयाबाद के जलालाबाद-1...