नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- सितंबर का पहला प्रदोष व्रत मंगलवार को पड़ रहा है। बता दें कि मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रतो को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में करने का विधान है। इस बार व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। माना जाता है कि इस योग में की गई पूजा से मनोकामना पूरी होती है। भौम प्रदोष व्रत पर इस बार शिव आराधना के लिए करीब दो घंटे अठारह मिनट का शुभ समय मिलेगा।भौम प्रदोष व्रत कब है? दृक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 8 सितंबर को दोपहर 2 बजकर 42 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि 9 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगी। प्रदोष काल 8 सितंबर को ही पड़ रहा है, इसलिए व्रत इसी दिन रखा जाएगा। मंगलवार और प्रदोष का संयोग भौम प्रदोष कहलाता है। पूजा श...