नई दिल्ली, जून 26 -- भारत में डॉक्टर बनने का सपना देखना और उसे पूरा करना दो बिल्कुल अलग बातें बन चुकी हैं। खासकर तब, जब बात प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की हो, जहां की फीस आम इंसान के बजट से कोसों दूर रहती है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद अहम सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की भारी-भरकम फीस के खिलाफ दायर एक याचिका को सुनने से साफ मना कर दिया है। याचिका को सिरे से खारिज करते हुए अदालत ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सीधी बात कही कि हमें इस देश में डॉक्टरों की जरूरत है। यह पूरा मामला जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जोयमल्य बागची की बेंच के सामने आया था। अदालत राजस्थान हाई कोर्ट के उस पुराने फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाई कोर्ट ने फीस क...