नई दिल्ली, मार्च 2 -- 8th Pay Commission: जब भी 8वें वेतन आयोग की चर्चा शुरू होती है, सबसे ज्यादा जिस शब्द पर ध्यान जाता है वह है 'फिटमेंट फैक्टर'। सरकारी कर्मचारी अक्सर मान लेते हैं कि अगर फिटमेंट फैक्टर 2.5 या 2.8 हुआ तो उनकी सैलरी 150% या उससे ज्यादा बढ़ जाएगी। लेकिन हकीकत इससे काफी अलग होती है। असली बढ़ोतरी इतनी बड़ी नहीं होती, क्योंकि इसमें एक अहम रोल होता है डीए यानी महंगाई भत्ते के मर्जर का है।क्या है फिटमेंट फैक्टर सबसे पहले समझिए कि फिटमेंट फैक्टर होता क्या है। यह एक मल्टीप्लायर है, जिससे नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तब तक कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) मिल रहा होता है, जो हर छह महीने में बढ़ता है। कई बार नया आयोग लागू होने तक DA 100% या उससे ज्यादा तक पहुंच जाता है। ऐसे में पहले मौजूदा बेसिक पे ...
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