नई दिल्ली, दिसम्बर 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने भूकंप से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए निर्देश देने के अनुरोध संबंधी याचिका को शुक्रवार को खारिज करते हुए पूछा कि तो क्या हमें सबको चांद पर बसा देना चाहिए या कहीं और? याचिका में भारत की 75 फीसदी आबादी के उच्च भूकंपीय क्षेत्र के खतरे में होने का जिक्र करते हुए भूकंप से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्राधिकारों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। अदालत में मौजूद याचिकाकर्ता ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया कि पहले यह माना जाता था कि केवल दिल्ली ही उच्च भूकंपीय क्षेत्र में है, लेकिन हाल में यह निष्कर्ष निकाला गया कि भारत की 75 प्रतिशत आबादी इसके अंतर्गत आती है। पीठ ने पूछा, "तो क्या हमें सबको चांद पर बसा देना चाहिए या कहीं और?" याचिकाकर्ता ने बताया कि ...