कांगड़ा, जुलाई 7 -- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले 75 वर्षीय मिल्खी राम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। 32 डिग्रियां हासिल कर चुके मिल्खी राम ने अब एक और डिग्री के लिए परीक्षा दी है। उनके पढ़ने-लिखने की इस दिलचस्पी की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। कांगड़ा जिले के गांदर क्षेत्र के रहने वाले मिल्खी राम ने 30 जून को हमीरपुर स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के स्टडी सेंटर में संस्कृत विषय की परीक्षा दी। यह एमए संस्कृत का प्रोग्राम है। इसे 'आचार्य' डिग्री के समकक्ष माना जाता है। परीक्षा केंद्र पर मौजूद सभी छात्रों में मिल्खी राम सबसे अधिक उम्र के परीक्षार्थी थे।1972 में लगी नौकरी, 1976 से पढ़ाई जारी 10 फरवरी 1952 को जन्मे मिल्खी राम ने वर्ष 1972 में वन विभाग में नौकरी शुरू क...