कानपुर, मई 23 -- कानपुर। जिले में कीटनाशक कारोबार अब पूरी तरह डिजिटल निगरानी के दायरे में आ गया है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से लागू की गई एकीकृत कीटनाशी प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) के तहत पंजीकरण न कराने वाले 73 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त होने का खतरा मंडरा रहा है। जिला कृषि विभाग ने ऐसे कारोबारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए एक सप्ताह का समय दिया है। जिले में करीब 2500 से अधिक उर्वरक दुकानों में से 679 दुकानदारों ने कीटनाशक बिक्री का लाइसेंस लिया हुआ है। इनमें 606 विक्रेताओं ने अपनी दुकान, स्टॉक और बिक्री का विवरण आईपीएमएस पोर्टल पर अपलोड कर दिया है, लेकिन 73 दुकानदार अब तक पंजीकरण से दूर हैं। यह भी पढ़ें- कीटनाशक का सैंपल फेल, कंपनी पर दर्ज होगी रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों का मानना है कि कई दुकानदार डिज...