72 के कारवां को किया गया था शहीद
फतेहपुर, जून 18 -- जहानाबाद, संवाददाता। मोहर्रम का चांद निकलने के बाद से ही मजलिस व मातम के साथ इमाम बारगाहों से या हुसैन की सदाएं गूंज रही हैं। क्षेत्र के गांव मिर्जापुर सहित कस्बे के मलिकपुर स्थित इमाम बारगाह शिया वक्फ हैदर बख्श, सानी गढ़वा आदि मोहल्लों में मजलिस व तकरीर के माध्यम से 72 के कारवां को शहीद किए जाने आदि की दास्तां बयां की जा रही है। यह भी पढ़ें- मस्जिदे नबवी में बरपा हुई थी हुसैन की पहली मजलिस इमाम हुसैन की शहादत खतीब सैय्यद सरकार आलम नकवी ने बताया कि चौदह सौ वर्ष पूर्व सबसे पहला आतंकी हमला अरब देश के मदीना नामक शहर में मोहम्मद साहब की पुत्री बीबी फात्मा के मकान में किया गया था। जहां आतंकियों ने मोहम्मद साहब के दामाद हजरत अली की खुन्नस के चलते घर में आग लगा दी थी। जिसमें जलता हुआ दरवाजा मोहम्मद साहब की पुत्री पर गिरा था। नत...
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