लखनऊ, मई 12 -- केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने गंभीर रूप से जख्मी युवती का एक फेफड़े निकालकर उसे नई जिंदगी देने में कामयाबी हासिल की है। 70 दिनों तक जिंदगी के लिए वेंटिलेटर पर भर्ती रहीं। आखिरकार डॉक्टरों की मेहनत और युवती की जिद रंग लाई। मौत के मुहाने से लौटकर आई। अयोध्या निवासी शगुन (21) के लिए 28 फरवरी का दिन जिंदगी बदल देने वाला साबित हुआ। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह घरवालों को बेहोशी की हालत में मिली। छाती में गहरी चोट लगने के कारण उसे तुरंत ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। गंभीर अवस्था में परिवारीजनों ने उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया। हालत इतनी नाजुक थी कि कई बार डॉक्टरों को भी उसकी जिंदगी बचने की उम्मीद बेहद कम नजर आई।

डॉक्टरों की सफलता थोरेसिक सर्जरी विभाग के डॉ. शैलेंद्र यादव ने मरीज को देखा। जरूरी जांचें क...